प्रतिबंधित मांझे पर हाईकोर्ट में नहीं हुई सुनवाई,यूपी सरकार समेत 6 पक्षकार
-
By
Admin
Published - 27 July 2026 0 views
राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित घातक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई नहीं हो पाई। लखनऊ निवासी सैयद अली हसनैन आब्दी की ओर से दाखिल याचिका पर कोर्ट नंबर-1 में न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। लेकिन वकीलों के मारपीट करके के मामले में सुनवाई होने की वजह से सोमवार को सुनवाई नहीं हो पाई। यह साल 2018 से जनहित याचिका के तौर पर दाखिल की गई थी। याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ मंडल के आयुक्त, पुलिस महानिदेशक, जिलाधिकारी लखनऊ, पुलिस आयुक्त लखनऊ और थाना प्रभारी चौक को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार कश्यप पैरवी कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता (सीएससी) पक्ष रखना है। ऑनलाइन केस स्टेटस के मुताबिक, अभी तक इस जनहित याचिका में कोई अंतिम आदेश अपलोड नहीं हुआ है। ऐसे में सोमवार को होने वाली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही मामले का निस्तारण हो पाएगा। कोर्ट की लिस्टिंग हिस्ट्री के अनुसार यह मामला 17 फरवरी, 11 मार्च, 20 अप्रैल, 27 अप्रैल, 11 मई, 13 जुलाई और अब 27 जुलाई 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। 11 मई और 13 जुलाई की सूची में पर्सनल अपीरियंस और पहले से इसलिए लिस्टेड का भी उल्लेख किया गया था।
सम्बंधित खबरें
-
राजधानी लखनऊ में आज सोमवार से फिर मानसून एक्टिव हो गया है। इसके कारण आने वाले कुछ दिनों तक लगा
-
राजधानी लखनऊ में डिंपल यादव के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। उनके साथ अखिलेश यादव, राहुल गांधी और अरविंद केजरी
-
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ का सोमवार को 42वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।
-
पारा स्थित शारदा नहर में सोमवार सुबह करीब 11.50 बजे एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता मिला। शव द
-
उत्तर प्रदेश सरकार ने गौसंरक्षण को लेकर अपनी योजनाओं का दायरा बढ़ाते हुए सोमवार को प्रदेश में 1
-
राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित घातक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक को लेकर दायर जनहित याचिका