344 कर्मचारियों को बिना नियुक्ति दिए करोड़ों रुपए
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Published - 22 October 2026 11 views
उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग में फर्जीवाड़े की जड़ें इतनी गहरी निकलीं कि बिना नियुक्ति 344 कथित कर्मचारियों के खातों में 16 करोड़ रुपये पहुंचा दिए गए। ट्रेजरी में फर्जी खाते खुलवाकर एरियर भुगतान का खेला कर डाला। इसका खुलासा महालेखाकार की ऑडिट टीम ने किया है। विभाग में खलबली मची तो एकाउंटेंट को निलंबित कर एफआईआर दर्ज करा दी । अभी एक डिविजन में मामला मिला है। अब सवाल है कि इतने बड़े घोटाले में मिलीभगत का दायरा कहां तक फैला है और दूसरे डिविजनों में भी सरकारी धन की ऐसी ही लूट तो नहीं हुई।सिंचाई विभाग के मिर्जापुर कैनाल डिविजन के लघु डाल पम्प कैनाल खंड में वित्तीय वर्ष 2025-26 में एकाउंटेंट और उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से लगभग 16 करोड़ रुपये के एरियर भुगतान का घोटाला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोप है कि लघु डाल पम्प कैनाल डिविजन के 344 कर्मचारियों के फर्जी खाते खुलवाकर एरियर का भुगतान कर दिया गया है।महालेखाकार प्रयागराज की दस सदस्यीय टीम के वर्तमान वित्तीय वर्ष के ऑडिट में घोटाले का खुलासा हुआ तो एमसीडी के अधिशासी अभियंता एवं अन्य अफसरों में हड़कंप मच गया। अधिशासी अभियंता ने आनन-फानन में 18 अक्तूबर को विभाग के एकाउंटेंट व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। मिर्जापुर कैनाल डिविजन के अधिशासी अभियंता को अन्य दस खंडों के कर्मचारियों के एरियर का भुगतान के लिए डीडीओ पावर दिया गया है। इसी डिविजन के लिपिक और एकाउंटेंट कर्मचारियों को किए जाने वाले एरियर का बिल बनाकर अधिशासी अभियंता से हस्ताक्षर कराने के बाद ट्रेजरी को भुगतान के लिए भेज देते हैं। ट्रेजरी से कर्मचारियों के बैंक खातों में भुगतान कर दिया जाता है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में एमसीडी के एकाउंटेंट जितेंद्र कुमार ने लघु डाल पम्प कैनाल के 344 फर्जी कर्मचारियों के ट्रेजरी में खाते खुलवाकर 16 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया।सबसे बड़ी बात तो यह कि इन कर्मचारियों की विभाग में नियुक्ति भी नहीं है। जब जानकारी लघु डाल पम्प कैनाल डिविजन के अधिशासी अभियंता को हुई तो उन्होंने आपत्ति जताई। एमसीडी के अधिशासी अभियंता ने एकाउंटेंट जितेंद्र कुमार के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद निलंबित कर दिया।मिर्जापुर कैनाल डिविजन से जुड़े एक खंड के कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2024-25 के एरियर का भुगतान 2026 में करना था। आरोप है कि भुगतान में अनियमितता बरतते हुए फर्जी खाते खुलवाकर 344 लोगों को करीब 16 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया। ऑडिट टीम की जांच में इसका खुलासा हुआ है।महालेखाकार प्रयागराज की ऑडिट टीम ने वर्तमान वित्तीय वर्ष का ऑडिट 14 अक्तूबर से शुरू किया। ऑडिट टीम ने 16 अक्तूबर को जांच के दौरान लगभग 16 करोड़ रुपये के फर्जी एरियर भुगतान का मामला पकड़ लिया। एमसीडी में हड़कंप मच गया। एमसीडी के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार ने 18 अक्तूबर को शहर कोतवाली में एकाउंटेंट जितेंद्र कुमार व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।लघु डाल पम्प कैनाल के फर्जी कर्मचारियों को लगभग 16 करोड़ रुपये का एरियर भुगतान किए जाने के मामले की लीपापोती में सिंचाई विभाग के अधिकारी जुट गए हैं। सूत्रों की मानें तो घोटाले को दबाने के लिए शासकीय मद में इससे अधिक धनराशि भी जमा करा दी गई, जिससे मामले को दबाया जा सके। ऑडिट टीम ने अपनी जांच में इस मामले को पकड़ लिया। सिंचाई विभाग के अन्य डिविजनों में भी इसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है लेकिन खुलासा तभी हो पाएगा, जब अन्य डिविजनों के एरियर एवं अन्य मदों में किए गए भुगतान का ऑडिट किया जाएगा। अधिशासी अभियंता एमसीडी प्रमोद कुमार के अनुसार मामले का ऑडिट कराया जा रहा है। ऑडिट में जो भी पकड़ा जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एकाउंटेंट व एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। यदि अन्य कर्मचारी शामिल होंगे तो उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
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