जिला सागर एमपी जहरीली शराब कांड पर शराबबंदी संघर्ष समिति का फूटा गुस्सा
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Published - 10 September 2026 5 views
सागर जिले की बंडा तहसील के 8 गांवों- घूघरा खुर्द, नौराज, बराज, दलपतपुर, पाटन, चौका, बमूरा, छापरी में 5-6 सितंबर की रात बॉम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड के नाम पर बिक रही जहरीली, नकली शराब पीने से हुए दर्दनाक हादसे, जिसमें अब तक 28 लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं, को लेकर ’शराबबंदी संघर्ष समिति’ ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। समिति ने इस हृदयविदारक घटना के लिए ’मध्य प्रदेश सरकार और उसके आबकारी विभाग को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया’ है। समिति का कहना है कि यूपी के ललितपुर से फर्जी फत् कोड, नकली रैपर और ढक्कन लगाकर नकली शराब का रैकेट लंबे समय से चल रहा था, जिसकी शिकायत 4 दिन पहले ठेकेदारों ने की थी, लेकिन प्रशासन ने आंखें मूंद लीं, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी जनहानि हुई।समिति ने कहा कि शराब से सिर्फ एक व्यक्ति की जान नहीं जाती, बल्कि उसके पूरे परिवार की कमर टूट जाती है।समिति की बैठक और आगे की रणनीति इस घटना को लेकर शराबबंदी संघर्ष समिति के केंद्रीय कार्यालय, लखनऊ में कल दोपहर 1 बजे एक विशेष बैठक बुलाई गई है।बैठक में मेमने बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजकर ’देश और प्रदेश में तत्काल पूर्ण शराबबंदी’ लागू करने की मांग की जाएगी।3. इस घटना की जमीनी हकीकत जानने और पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए एक ’विस्तृत डेलिगेशन सागर भेजने’ पर चर्चा।
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