देशभर में यूपी की राखियों की धूम, ग्रामीण महिलाओं की बनाई राखियों की हाई डिमांड
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Published - 21 August 2026 3 views
इस रक्षाबंधन भाइयों की कलाइयों पर उत्तर प्रदेश की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता का रंग नजर आएगा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी करीब 5000 महिलाएं आकर्षक और हस्तनिर्मित राखियां तैयार कर रही हैं। प्रयागराज, वाराणसी, बागपत, बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, उन्नाव, शामली, जौनपुर और मिर्जापुर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में राखियों का निर्माण हो रहा है। महिलाओं द्वारा तैयार राखियों की स्थानीय बाजारों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी मांग बढ़ी है। ई-सरस समेत विभिन्न ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इन उत्पादों को ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है। मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि फर्रुखाबाद और नोएडा के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार राखियों की ई-सरस पर लगातार अच्छी मांग मिल रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने के कारण ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद अब स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं हैं। ई-कॉमर्स के माध्यम से उन्हें नए ग्राहक मिल रहे हैं। साथ ही पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार करने का अनुभव भी मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा राखी निर्माण से उनकी आय बढ़ने के साथ ग्रामीण संस्कृति और महिलाओं की रचनात्मकता को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे सरकार के ‘लोकल फॉर लोकल’ संकल्प को गति मिलेगी और महिला उद्यमिता तथा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की मुहिम मजबूत होगी।
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