बुरी तरह घबरा गए अमेरिका-चीन
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Published - 24 August 2026 5 views
अचानक मोदी के लिए क्या तोहफा लेकर भारत आ रहे पुतिन?
12 से 13 सितंबर को दिल्ली में ब्रिक्स का बड़ा सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन खुद भारत आ रहे हैं। आपको बता दें कि इस दौरे पर दोनों देशों के बीच दो बहुत बड़े रक्षा सौदों पर मोहर लग सकती है जो दुश्मन के होश उड़ाने के लिए काफी है।
दुनिया की नजरें टिकी है सिर्फ और सिर्फ भारत पर क्योंकि बहुत जल्द दिल्ली की धरती पर वो हलचल मचने वाली है जिसकी गूंज सीधे बीजिंग और वाशिंगटन तक सुनाई देगी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन एक बार फिर भारत आ रहे हैं और वह भी महज 9 से 10 महीने के भीतर। जैसे ही यह खबर बाहर आई ग्लोबल पॉलिटिक्स में भूचाल आ गया है और वजह बिल्कुल साफ है। सितंबर के महीने में भारत में सजने जा रहा है ब्रिक्स का ऐसा महामंच जो दुनिया का पूरा पावर बैलेंस बदल कर रख देगा। दरअसल आपको बता दें कि 12 से 13 सितंबर को दिल्ली में ब्रिक्स का बड़ा सम्मेलन होने जा रहा है। इसमें हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति पुतिन खुद भारत आ रहे हैं। आपको बता दें कि इस दौरे पर दोनों देशों के बीच दो बहुत बड़े रक्षा सौदों पर मोहर लग सकती है जो दुश्मन के होश उड़ाने के लिए काफी है। रूस आपको बता दें कि भारत के सामने एक बहुत बड़ा ऑफर रखने वाला है। इसके तहत भारतीय वायु सेना के 100 से ज्यादा Sukhoi 30 फाइटर जेट्स को आधुनिक बनाया जाएगा और साथ ही रूस अपनी पांचवी पीढ़ी का सबसे खतरनाक स्टेल्थ फाइटर 57 भी भारत को देने की पेशकश कर सकता है।
इस डील की सबसे खास बात यह होगी कि यह सिर्फ विमान खरीदना नहीं होगा बल्कि भारत में ही उन्हें बनाने और पूरी तकनीक ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भी इसमें शामिल होगा। बात करते हैं सुपर सुखोई प्रोजेक्ट की। हमारे Sukhoi 30 फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर समेत कई मोर्चों पर अपनी ताकत साबित की है। अब इन विमानों को और भी ज्यादा घातक बनाया जाएगा। इनके इंजन, हथियार और अंदर की तकनीक पूरी तरह अपग्रेड की जाएगी। इसके लिए रूस के एक्सपर्ट्स की जो टीम है यह पहले से ही नासिक में एचए एएल की यूनिट का दौरा कर चुकी है। आपको बता दें कि करीब 63 थाउजेंड करोड़ की लागत से 84 sukhhoi 30 जेट्स को पहले ही सुपर सुखोई में बदलने का काम चल रहा है और इस दौरे से इस काम को और भी ज्यादा तेजी मिलने वाली है। लेकिन इस दौरे का सबसे बड़ा गेम चेंजर होने वाला है Suhoi 57. सवाल यह है कि भारत के लिए यह विमान इतना जरूरी क्यों है? जवाब बिल्कुल साफ है।
चीन और पाकिस्तान की चालबाजी। चीन अपना स्टेल्थ फाइटर पहले ही तैनात कर चुका है। और पाकिस्तान को भी ऐसी तकनीक दे रहा है। तो दूसरी तरफ भारत का अपना पांचवा जनरेशन का फाइटर जेट एएमसीए साल 2032 तक ही तैयार हो पाएगा। और इसी बीच देश की सुरक्षा को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। याद रखिए साल 2018 में भारत इस प्रोजेक्ट से अलग हो गया था। लेकिन अब वक्त बदल चुका है। रूस का यह Sukoi 57 फाइटर जेट रफ्तार के मामले में अमेरिका के F35A से भी 25% ज्यादा तेज है। वहीं आपको यह भी बता दें कि इसके पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत आए थे। जब दोनों देशों ने अपनी दोस्ती के 25 साल पूरे होने का जश्न मनाया था और अब सितंबर 2026 में उनका यह दौरा एशियाई राजनीति का पूरा नक्शा बदल कर रख देगा।
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