नए प्रभारी के इंतजार से पहले कांग्रेस ने खोले संगठन के पत्ते, 104 ब्लाक प्रधानों की पहली सूची जारी
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Published - 17 June 2026 2 views
हरियाणा कांग्रेस ने लंबे इंतजार के बाद संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ब्लाक कांग्रेस अध्यक्षों की पहली सूची जारी कर दी है। प्रदेश में कुल 180 ब्लाकों में अध्यक्ष बनाए जाने हैं, जिनमें से फिलहाल 104 नामों को मंजूरी देकर घोषित किया गया है, जबकि 76 ब्लाकों पर फैसला अभी बाकी है। सूची ऐसे समय आई है जब कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य में नए प्रभारी की नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हाईकमान से मंजूरी मिलने के बाद पहली सूची जारी कर संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की शुरुआत कर दी। सूत्रों के अनुसार ब्लाक अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया उस समय शुरू हुई थी जब बीके हरिप्रसाद हरियाणा मामलों के प्रभारी थे। हालांकि बाद में उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी मिल गई और वे हरियाणा से आगे बढ़ गए। इसके बावजूद लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश नेतृत्व ने सूची जारी कर दी। मंगलवार को प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की नयी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात भी हुई। इसके बाद संगठन स्तर पर पहली सूची जारी होने को राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्लाक अध्यक्षों के चयन से पहले पार्टी ने जिलाध्यक्षों, स्थानीय सांसदों, विधायकों और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया। जिलाध्यक्षों को यह भी कहा गया था कि वे ब्लाक स्तर के नामों का पैनल तैयार करने से पहले स्थानीय वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करें। कांग्रेस ने इस बार केवल संगठनात्मक नियुक्ति के बजाय स्थानीय स्वीकार्यता और चुनावी उपयोगिता को भी आधार बनाया। यही वजह रही कि कई जगहों पर स्थानीय समीकरणों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दिए जाने की चर्चा है। हरियाणा में विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं और संगठनात्मक ढांचे के अनुसार अधिकांश हलकों में दो-दो ब्लाक बनाए गए हैं। इसी कारण ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्ति को कांग्रेस के अगले राजनीतिक चरण की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ब्लाक स्तर पर मजबूत संगठन विधानसभा और स्थानीय चुनावों की तैयारी का आधार माना जाता है। इसलिए इन नियुक्तियों को केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं बल्कि भविष्य की राजनीतिक संरचना के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार ब्लाक अध्यक्षों के चयन में जिलाध्यक्षों और स्थानीय विधायकों की भूमिका सबसे अधिक रही। इसके साथ 2024 विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं की पसंद-नापसंद का असर भी कई हलकों में दिखाई दिया। हालांकि प्रदेश नेतृत्व ने विभिन्न नेताओं और समूहों के समर्थकों को संगठन में प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है, लेकिन सूची के राजनीतिक संकेतों को लेकर अंदरूनी चर्चा भी शुरू हो गई है। कई नेता इसे आगे होने वाली जिला और प्रदेश स्तर की नियुक्तियों की दिशा में शुरुआती संकेत मान रहे हैं। पहली सूची जारी होने के बाद अब निगाहें बाकी 76 ब्लाक अध्यक्षों पर टिक गई हैं। माना जा रहा है कि अगले चरण की नियुक्तियां संगठन के भीतर शक्ति संतुलन की तस्वीर और अधिक स्पष्ट करेंगी।
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