भारतीयों की मौत पर भड़के राहुल गांधी
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Published - 14 June 2026 5 views
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी टकराव और ओमान तट के पास भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा अब भारत की घरेलू राजनीति में भी बड़ा विवाद बन गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अमेरिका भारत को निर्देश दे रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर पूरी तरह चुप हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो अमेरिका ने खेद व्यक्त किया और न ही किसी तरह की माफी मांगी। इसके विपरीत, अमेरिका लगातार भारत को निर्देश देने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि कोई भी संप्रभु राष्ट्र ऐसी भाषा को स्वीकार नहीं कर सकता।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधे निशाना साधते हुए उन्हें "समझौता कर चुके प्रधानमंत्री" करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक "आज्ञाकारी सेवक" की तरह आदेश सुनते हैं और उनका पालन करते हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि ऐसा नेतृत्व देश के सम्मान और राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा नहीं कर सकता। उनके इस बयान के बाद विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सियासी बहस और तेज हो गई है।
दरअसल, यह विवाद उस समय गहराया जब अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल के कथित अवैध परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई बातचीत के बाद अमेरिका ने अपने रुख को और स्पष्ट किया। इस बयान को लेकर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
दूसरी ओर, भारत सरकार ने भी ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस मामले में कड़ा विरोध दर्ज कराया। इसके अलावा नई दिल्ली में अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को तलब कर भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर घातक हमले स्वीकार्य नहीं हैं। सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अपनी चिंता जाहिर की है।
राहुल गांधी ने ओमान के दुक्म बंदरगाह पर खड़े जहाज में मृत भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन के मामले को भी उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मृतक का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।इधर, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने के लिए ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हेंनिराधार बताया है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है, बल्कि भारतीय जहाजों, नाविकों और ऊर्जा सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ सकता है। भारत के हजारों नाविक पश्चिम एशियाई समुद्री मार्गों में कार्यरत हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है। भारतीय नाविकों की मौत, अमेरिका के सख्त बयान और होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने इस मामले को सिर्फ विदेश नीति का मुद्दा नहीं रहने दिया है। अब यह राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर एक बड़ी राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार की कूटनीतिक रणनीति और विपक्ष के सवाल इस मुद्दे को और अधिक गर्मा सकते हैं।
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