नीला ड्रम हत्याकांड की दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा, फैसला सुनते ही छलके आंसू
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Published - 15 October 2026 12 views
मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी नीला ड्रम केस में अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत का फैसला सुनते ही मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला भावुक हो गए। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा पर सुनवाई की। जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए दोनों दोषियों से अदालत ने पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं। दोनों ने जवाब दिया कि उन्हें कुछ नहीं कहना है। सौरभ राजपूत हत्याकांड में सजा के ऐलान के वक्त सौरभ का परिवार अदालत में मौजूद रहा। सौरभ की मां, मौसी, भाई और अन्य लोग अदालत में थे। बुधवार की सुबह से मीडिया से हो रही बातचीत के दौरान इन सभी ने मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग की। सौरभ की मां ने सजा के ऐलान से पहले मीडिया से कहा कि बेटे सौरभ की हत्या के बाद पूरे परिवार ने न्याय पाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया है। उन्होंने प्रशासन और उन सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया जिन्होंने इस लड़ाई में सौरभ के परिवार का साथ दिया। उन्होंने कहा कि गवाहियों और अन्य सबूतों के आधार पर हमें पूरी उम्मीद है कि मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा होगी। मुस्कान अपनी दोनों बेटियों के भविष्य को लेकर चिंतित है। वह जेल प्रशासन से अपनी बड़ी बेटी पीहू से मिलाने की मांग कर रही है। मुस्कान ने बेटी से फोन पर बात कराने की भी मांग की है। हालांकि जेल प्रशासन ने साफ कर दिया कि उनकी बड़ी बेटी का कोई मोबाइल नंबर या पता जेल प्रशासन के पास नहीं है। फिलहाल मुस्कान को बेटी को चिट्ठी लिखने के लिए सामान उपलब्ध कराया गया है। जेल प्रशासन की मानें तो मुस्कान ने अपनी बड़ी बेटी के लिए एक चिट्ठी भी लिखी है। मुस्कान ने 3 मार्च 2025 को बॉयफ्रेंड साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में सीमेंट में छिपा दिया था। 126 सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को हत्या के मामले में दोषी माना था। कोर्ट ने ये भी माना कि दोनों ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या क और बाद में सबूत मिटाने की कोशिश की। दोषी करार देते हुए अदालत ने कहा था, अपराध समाज में भय का माहौल पैदा करता है। सभी सबूतों की जांच के बाद यह साफ हो गया कि दोनों ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की और सबूतों को मिटाने की भी कोशिश की। कोर्ट ने दोनों दोषियों को सजा के बारे में अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया था, जिसके बाद सजा का ऐलान किया जाना था। अदालत ने 19 सितंबर को ही दोषसिद्धि पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा था कि समाज में इस प्रकार के जघन्य अपराध के लिये अपराधियों को उचित सजा मिलनी चाहिए, जिससे समाज में साफ मैसेज जाए। लंच के बाद दोनों को दोबारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने सजा सुनाई। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, फैसला सुनते समय मुस्कान ने हाथ जोड़ रखे थे और बाद में रोने लगी। साहिल शुक्ला की आंखें भी नम हो गईं।
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