सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को बड़ी राहत, कोर्ट से मिली सशर्त जमानत, शांति भंग के आरोप में हुए थे गिरफ्तार
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Published - 17 October 2026 19 views
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली में बड़ी राहत मिली है। विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी है। दिल्ली पुलिस ने उन्हें शांति भंग करने की आशंका के आरोप में गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले हुई कार्रवाई के बाद की गई। पुलिस के अनुसार, दीपके को पहले दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत में लिया गया था। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 126 और 170 के तहत शांति भंग करने की आशंका से जुड़ा मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। शनिवार को उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें सशर्त जमानत मिल गई। अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित मार्च से पहले एहतियातन हिरासत में लिया गया था। पुलिस की कार्रवाई का आधार शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बताया गया। हिरासत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके खिलाफ नया मामला दर्ज किया गया। इस मामले में गिरफ्तारी और अदालत में पेशी के बाद जमानत मिलने से दीपके को राहत मिली है। हालांकि, सशर्त जमानत के तहत उन्हें अदालत द्वारा तय शर्तों का पालन करना होगा। अभिजीत दीपके को इससे पहले 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर भी हिरासत में लिया गया था। उस समय भी शांति भंग करने की आशंका से जुड़ा अलग मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उस कार्रवाई के दौरान उनसे एक साल तक शांति बनाए रखने के मुचलके पर हस्ताक्षर कराए गए थे। लगातार हुई पुलिस कार्रवाई के बाद सीजेपी से जुड़े नेताओं और समर्थकों की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा है। दीपके के अलावा दिल्ली पुलिस ने नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद बोरा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और इसे गैरकानूनी बताया। बोरा के मुताबिक, उन्हें मंडी हाउस से हिरासत में लेकर सुबह करीब पांच बजे तक थाने में रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कानून-व्यवस्था के नियमों के पालन का दावा करती है, लेकिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई में इन नियमों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सीजेपी से जुड़े नेताओं की हिरासत और गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। जहां पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही है, वहीं संगठन से जुड़े लोगों ने इन कदमों की आलोचना की है। अभिजीत दीपके को सशर्त जमानत मिलने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत की शर्तों के पालन पर नजर रहेगी।
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