US-Iran Talks । खाली हाथ लौटे JD Vance, बेनतीजा रहा बैठक , ईरान के अड़ियल रुख की आलोचना की
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Published - 12 April 2026 110 views
JD Vance: अमेरिकी उपराष्ट्रपति 21 घंटे की लंबी बातचीत के बाद इस्लामाबाद से बिना किसी समझौते के लौट आए, जिससे मध्य-पूर्व में स्थायी शांति की उम्मीदें टूट गई हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सहमति न बन पाने के कारण और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर वार्ता विफल हुई, जिससे क्षेत्र में फिर से युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
US-Iran: जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता विफल हो गई है। 40 दिनों के युद्ध और दो हफ्तों के अस्थायी युद्धविराम के बाद, दोनों देश इस शांति को स्थायी बनाने के लिए मिले थे, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने जैसे गंभीर मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने 21 घंटे तक चली लंबी बातचीत के बाद अमेरिका लौटने का फैसला किया। उन्होंने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका ने अपनी ओर से सबसे बेहतर समझौता पेश किया था, लेकिन ईरान ने इसे स्वीकार नहीं किया। वेंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने अपनी 'रेड लाइन्स' साफ कर दी थीं और यह ईरान का फैसला था कि वह उन शर्तों को नहीं मानना चाहता।
उपराष्ट्रपति JD Vance ने संकेत दिया कि बातचीत टूटने की सबसे बड़ी वजह परमाणु कार्यक्रम पर ईरान का रुख रहा। अमेरिका चाहता था कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार न बनाने की 'सकारात्मक प्रतिबद्धता' दे, जो उसे नहीं मिली। उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा, 'राष्ट्रपति का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने और ऐसी तकनीक हासिल करने से रोकना है जिससे वे बहुत तेजी से हथियार बना सकें।' उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि ईरान की परमाणु सुविधाएं नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन उनके पास लंबे समय तक परमाणु हथियार न बनाने की कोई इच्छाशक्ति नजर नहीं आई।
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